हें सर्वव्यापी, सभी ब्रम्हाण्ड के निर्माता , संपूर्ण दुनिया का श्वास , सभी का अस्तित्व आपसे ही बहता है।...आप का सार इस ब्रम्हाण्ड के हर एक धुन में, हरे एक प्रकाश के किरण में और विश्व के हर एक कंपन में मौजूद है। इस ब्रम्हाण्ड के सबसे बड़े तारे से लेकर सबसे छोटे परमाणु...

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