हें सर्वव्यापी, सभी ब्रम्हाण्ड के निर्माता , संपूर्ण दुनिया का श्वास , सभी का अस्तित्व आपसे ही बहता है।…आप का सार इस ब्रम्हाण्ड के हर एक धुन में, हरे एक प्रकाश के किरण में और विश्व के हर एक कंपन में मौजूद है। इस ब्रम्हाण्ड के सबसे बड़े तारे से लेकर सबसे छोटे परमाणु तक, सभी के भीतर आपका दिव्य प्रकाश और प्रेम विद्यमान् है।
मैं अपनी छोटी इच्छाओं को आपके वैश्विक इच्छाओं में समर्पित करती हू ।मेरी आपसे यह प्रार्थना है कि इस समर्पण में, मैं आपके दिव्य सार को मेरे हर एक जनम में, हरे एक रूप में, हर एक आयाम में और मेरे अस्तित्व के हर एक क्षण में महसूस कर सकूं।

आपकी असीम कृपा और करूणा में यह पूरा ब्रम्हाण्ड और इस धरती के उभरते आयाम भी पूरी तरह प्रभावित हो उठे। अज्ञानता और बुद्धिहीनता के अंधेरे में फँसे हुए सभी लोगों तक आपका दिव्य प्रकाश पहुँचे।

आप इस शरीर को ऊर्जा , हृदय में प्यार और मन को ज्ञान प्रदान कीजिये।

आप हमें सभी ग़लत कर्मों के बंधनों से मुक्ति दीजिए ताकि हम अन्य लोगों को दोषी ठहराना बंद करे। अज्ञानता और विचलन से बच कर आप हमें सही मार्ग पर ले चलिए। आप हमें सभी नकारातमक सोच से मुक्ति दीजिये जो हमारे जीवन के सच्चे मार्ग में बाधक है।
सभी जीव जंतुओं में आपका प्रकाश और आपके सार को अनुभव करने की क्षमता दीजिये। आपका चैतन्य ही वह अनंत गीत हैं जो इस ब्रम्हाण्ड के रोम रोम मे गूँजता है …हर पल में नवनिर्मित करता है।
मैं पूरी श्रद्धा से और पूर्ण भाव से इस प्रार्थना को आपके चरणों में समर्पित करती हूँ।

“Oh Multidimensional Source of All Life, from whom the breath of all existence flows. Your essence exists within all realms of sound, light and vibration. Your light and love are within all things from the greatest star to the tiniest atom.
I surrender my smaller will to align with the flow of Your Greater Will. In this surrender may I experience Your essence in all of my incarnations, bodies, dimensions and timelines.
May Your holy kingdom come to pass – in all Universes as well as upon the density of this ascending dimension of earth. May your holy light extend to all those lost in the darkness of ignorance and foolishness.
Give us this day energetic sustenance for the body, love for the heart and wisdom for the mind.
Release us from the fetters of all errors that bind us, as we release all others from all blame. Deliver us from all ignorance and diversions from the true way. Free us from all lower temptations that block our true purpose.
Allow me to witness your light and essence within all living things.
For Yours is the eternal song that calls out and renews this Universe.
I seal this prayer in faith and truth.”

 

 

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